मसूड़ों से न‍िकलने वाले खून का करे घरेलू इलाज, जाने कारण भी

0

मसूड़ों से खून आना एक मेडिकल कंडीशन है पर कई बार किसी सख्त चीज को खाने या फिर ब्रश करने के दौरान चोट लग जाने से भी मसूड़ों से खून आने लगता है। वैसे मसूड़ों से खून आने को जिंजिवाइटिस (gingivitis) पायरिया (pyorrhea) कहते हैं। सुन्दर और स्वस्थ मसूड़े अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है।

लेकिन जब दांतों पर प्लाक (पीला सा मैल ) जम जाता है तो दांत और मसूड़े के बीच जगह बन जाती है और इस वजह से मसूड़े में सूजन पैदा हो जाती है। आमतौर पर मुंह की खराब स्वच्छता के कारण और संक्रमण की वजह से खून बहता है। इसमें घबराने की जरुरत नहीं है, जानते हैं कुछ घरेलु उपायों के बारे में।

मसूड़ों से खून न‍िकलने के कारण –

अगर आप दांतों की सफाई अच्‍छे तरीके से नहीं करते है तो इस वजह से आपके मसूड़ों में से खून निकल सकता है।

इसके अलावा मसूड़ों की त्‍वचा बहुत ही ज्‍यादा नर्म होती कड़क दांतों वाले ब्रश के इस्तेमाल से मसूड़ों पर घाव हो जाते हैं। इसलिए नर्म टूथ ब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए और हर 3 महीने में ब्रश बदलना चाहिए। – विटामिन “सी” की कमी होती है जब हम अपने भोजन में सही मात्रा में फल और सब्जियों को शामिल नहीं करते। मसूड़े फूल जाते हैं और उनमें से खून निकलता है।

प्युबर्टी के समय, प्रेगनेंसी में और मेनोपोज़ के बाद महिलाओं में बहुत हार्मोनल चेंजेस होते हैं। ये बदलाव पीरियड्स के दौरान और ओरल कॉण्ट्रासेप्टिव पिल्स की वजह से भी होते हैं। इन वजह से भी मसूड़ों में से खून निकलने लगता है।

आइए जानते है किन घरेलू उपायों से आप मसूड़ों से आने वाले खूना को रोक सकते है।

नमक के पानी से गरारे

नमक में इनफ्लेमटरी और एंटीसेप्टिक गुण पाएं जाते है। जो आपके मसूड़ों की सूजन को कम करके आपके मसूड़ें के आसपास हुए संक्रमण के खिलाफ लड़ते हैं।

खट्टे फल

मसूड़ों में खून बहने के बड़े कारणों में से एक है विटामिन सी की कमी। खट्टे फल जैसे नारंगी, नींबू, आदि और सब्जियां विशेष कर ब्रॉकली और बंद गोभी आपको पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी देकर मसूड़ों में निकलने वाले खून की समस्‍या को रोकते हैं।

सेंधा नमक

सेंधा नमक बारीक पीस कर कपड़े से छान लें। इसमें से तीन चुटकी नमक हथेली में लेकर इसमें सरसों का तेल मिलाकर पतला लेप बना लें। अंगुली की मदद से इसकी बहुत हलके से मसूड़ों पर मालिश करें। फिर हलके गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। कुछ दिन नियमित इस प्रकार रोजाना दिन में दो बार मालिश करने से मसूड़ों की सूजन , मसूड़ों में टीस चलना बंद होता है तथा फूले मसूड़ों से खून गिरना बंद होता है।

सरसों का तेल

सरसों के तेल व हल्दी का बारीक पाउडर मिलाकर रात को सोते समय नियमित कुछ दिन हलके हाथ से मालिश करने से मसूड़े दर्द करना, मसूड़ों में खून आना आदि में बहुत लाभ होता है।

क्रैनबेरी और गेहूँ की घास का रस

क्रैनबेरी या गेहूँ की घास का रस उन लोगों को राहत दे सकता है, जिनके मसूड़ों से खून बहता है।कैनबेरी के जूस में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मसूड़ों से बेक्टीरिया को दूर कर देता है।

कपूर और पिपरमिंट का तेल

कपूर और पिपरमिंट के तेल का इस्तेमाल आप अपने मुंह की ताज़गी और स्वच्छता बनाये रखने के लिये कर सकते हैं।

लौंग

लौंग को या तो आप मुंह में दबा ले या लौंग के तेल से मसूड़ों पर मालिश कर सकते हैं। यह एक प्राचीन पद्धति है और बेहद आसान घरेलू नुस्खा है, जो सभी प्रकार की दांतों की समस्याओं से निजात दिलाता है।

Share.

About Author

Leave A Reply