जानें: क्या हैं थकान की वजह और इससे कैसे पाएं छुटकारा

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अगर अपने आस पास देखें तो सामान्यतौर पर देखने को ये मिलेगा कि समाज में ज्यादातर लोग चाहे वो ऑफिस वर्किंग हों या फिर घरेलू वर्क या अस्तव्यस्त जीवनशैली की वजह से वह अपने खानपान में ध्यान नहीं दे पाते और न ही अपने शरीर को पर्याप्त आराम दे पाते हैं जिसके चलते उनके शरीर में पोषण की कमी, तनाव व थकान की समस्या होने लगती है। हल्के फुल्के काम में भी व्यक्ति को आलस्य सा महसूस होने लगता है। ऐसा प्रतीत होता है कि शरीर में जान ही नहीं है। शरीर टूटा-टूटा सा व भारीपन सा लगने लगता है। जिसके चलते व्यक्ति को जरा-जरा सी बातों पर गुस्सा आने लगता है व स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आने लगता है।

व्यस्त जीवनशैली, गर्मी का प्रकोप, सही खानपान का न होना व शरीर में थकान के अलावा और भी अन्य कारण हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी से भी थकान की समस्या हो सकती है व अधिक सोने से भी थकान होने लगती है। अधिक व्यायाम करने व शारीरिक श्रम करने की वजह से भी सांस फूल जाती है और थकान हो सकती है।

शारीरिक श्रम के बाद थकावट महसूस करना सामान्य बात है, लेकिन थकान लंबे समय तक बनी रहे तो यह किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। कई लोगों में थकान कभी न खत्म होने वाली समस्या बन जाती है, इससे उनके जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है। ऐसे में जरूरी है कि थकान होने के तमाम कारणों और लक्षणों के बारे में जाना जाए और डॉक्टर से कंसल्ट कर इसका ट्रीटमेंट करवाया जाए।

लक्षणों को पहचानें :

हमारा शरीर किसी रोग को होने से पहले कई संकेत देने लगता है। जैसे थकान की स्थिति में व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द व नींद आने लगती है। यदि अचानक से शरीर में थकान होने पर सांस न फूलने की स्थिति में यह जानना जरूरी होता है कि रक्त स्राव, हीमोग्लोबिन की कमी की वजह से यह समस्या हो सकती है।

इन बातों का ध्यान रखें

  • भूख न होने पर जबर्दस्ती खाने की कोशिश न करें। खाना हल्का-फुल्का ही लें या कोई मौसमी फल का भी सेवन कर सकते हैं।
  • रात का खाना खाने के बाद तुरंत न लेटे बल्कि थोड़ा टहले। सोने से 2 घंटा पहले भोजन करना सबसे बेहतर रहता है। ताकि खाना पचने में आसानी हो सके।
  • भोजन उतना ही करे जितना पचा सकें नहीं तो पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। हल्का भोजन करें व गरिष्ठ चीजों के सेवन से बचें।
  • भोजन के तुरंत बाद चाय, कॉफी या नींबू पानी के बजाय लस्सी या छाछ का सेवन बेहतर रहता है।
  • तली भुनी चीज़ों से परहेज़ करें क्योंकि इससे एसीडिटी व जलन की समस्या हो सकती है। अपने आहार में फलों और सब्जियां शामिल करें।
  • विशेषज्ञों के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से पेट का हाजमा बिगड़ने का खतरा बना रहता है।
  • जहां तक संभव हो सके हफ्ते में एक दिन उपवास जरूर रखें। क्योंकि इससे आपके अंगों को कुछ अंतराल के बाद फिर से काम शुरू करने के लिए पर्याप्त आराम मिल जाता है।
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